जानलेवा ‘चाइनीज मांझे’ पर झारखंड में पूर्ण प्रतिबंध; उल्लंघन करने पर होगी जेल, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी

Spread the love

धनबाद :मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पतंगबाजी का आनंद कहीं मातम में न बदल जाए, इसे देखते हुए झारखंड प्रशासन ने ‘खतरनाक मांझे’ के खिलाफ युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने चाइनीज मांझा समेत सभी प्रकार के सिंथेटिक, नायलॉन और धातु से बने मांझों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

क्यों खतरनाक है यह मांझा?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांच या धातु के चूरे से लेपित मांझे न केवल पक्षियों के लिए काल बनते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित होते हैं।दोपहिया वाहन चालकों के गले और हाथ-पैर कटने की कई दुखद घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं। पतंगबाजी के दौरान नायलॉन के मांझे में फंसकर हर साल हजारों पक्षियों की गर्दन कट जाती है या वे अपाहिज हो जाते हैं। धातु युक्त मांझे बिजली के तारों में फंसकर शॉर्ट सर्किट और पावर कट का कारण बनते हैं, जिससे बड़ा हादसा भी हो सकता है।

कानून का डंडा: जेल और भारी जुर्माना

प्रशासन ने विक्रेताओं और पतंगबाजों को कड़ी चेतावनी दी है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 (पूर्व में धारा-144 के समकक्ष प्रावधानों) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सभी जिलों के डीसी और एसपी को बाजारों में सघन छापेमारी और गुप्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी दुकान में प्रतिबंधित मांझा पाया जाता है, तो दुकान को सील करने के साथ-साथ संचालक को जेल भी भेजा जा सकता है।

अपील: सुरक्षित मनाएं खुशियों का त्योहार

प्रशासन ने धनबाद और पूरे झारखंड की जनता से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें। पतंग उड़ाने के लिए केवल पारंपरिक और सुरक्षित सूती धागे का ही उपयोग करें।बच्चों को बिजली के तारों, मुख्य सड़कों या ऊंची छतों के बजाय खुले मैदानों में पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें।सुबह और शाम के समय जब पक्षियों की आवाजाही अधिक होती है, उस समय पतंगबाजी से बचें।

बाजारों में अलर्ट

मकर संक्रांति से ठीक पहले प्रशासन की विशेष टीमें बाजारों में औचक निरीक्षण कर रही हैं। धनबाद के मुख्य बाजारों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है ताकि अवैध रूप से बिक रहे चाइनीज मांझे को जब्त किया जा सके।

More From Author

भक्ति और शक्ति का संगम: 18 भुजी मां दुर्गा की प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान; मकर संक्रांति से शुरू होंगे विशेष ‘वास’ संस्कार

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर ‘टुसू मणिको’ से गुलजार हुई सड़कें; श्रद्धा के साथ घरों और चौपालों की ओर निकलीं माँ टुसू की प्रतिमाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.