
जमशेदपुर: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई के ‘जेआरडी टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स’ द्वारा तीसरे अंतर्राष्ट्रीय एथिक्स कांफ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस समागम में “व्यवसाय और नेतृत्व की पुनर्कल्पना: नैतिकता, स्थिरता और जिम्मेदार विकास का भविष्य” विषय पर गहन मंथन हुआ।
वैश्विक विशेषज्ञों का महाकुंभ
इस सम्मेलन में न केवल भारत, बल्कि विदेशों से भी प्रमुख शिक्षाविद, उद्योग जगत के नेता, शोधकर्ता और छात्र एक साथ आए। यह कांफ्रेंस भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में नैतिक नेतृत्व और स्थायी व्यवसाय के लिए एक जीवंत मंच साबित हुआ।
नैतिकता और भविष्य के नेतृत्व पर मंथन
कांफ्रेंस के दौरान विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक कॉर्पोरेट जगत में केवल मुनाफा कमाना ही सफलता का पैमाना नहीं होना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य का नेतृत्व वही है जो विकास के साथ-साथ पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों के प्रति जिम्मेदार हो।’व्यवसाय की पुनर्कल्पना’ विषय के तहत चर्चा की गई कि कैसे तकनीकी बदलावों के बीच भी नैतिक मूल्यों को स्थिर रखा जा सकता है।
जेआरडी टाटा के आदर्शों का उल्लेख
आयोजन के दौरान जेआरडी टाटा फाउंडेशन के योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने याद दिलाया कि टाटा समूह और विशेषकर जेआरडी टाटा का जीवन व्यापारिक नैतिकता का सर्वोत्तम उदाहरण है। एक्सएलआरआई इस फाउंडेशन के माध्यम से भावी बिजनेस लीडर्स के भीतर इन्ही नैतिक मूल्यों को रोपने का कार्य कर रहा है।
शोधार्थियों के लिए सुनहरा अवसर
तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में कई शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसमें भाग लेने वाले प्रैक्टिशनर्स और छात्रों को उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधे संवाद करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नैतिकता की चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
