
जमशेदपुर: झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले ‘विशाल टुसू मेला’ को लेकर इस वर्ष उत्साह दोगुना हो गया है। झारखंड वासी एकता मंच ने इस 21वें आयोजन को और भव्य बनाने के लिए पुरस्कार राशि में बड़ी वृद्धि की घोषणा की है। शनिवार को सोनारी स्थित विकास भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह जानकारी साझा की गई।
पुरस्कार राशि में भारी बढ़ोतरी
मंच के संरक्षक और स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो ने घोषणा करते हुए बताया कि टुसू महोत्सव को और अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाने के लिए ईनामी राशि बढ़ाई गई है। प्रथम पुरस्कार के रूप में दी जाने वाली 31,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 41,000 रुपये कर दिया गया है।चौड़ल के लिए दी जाने वाली पुरस्कार राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, ताकि कलाकारों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन हो सके।
तीन राज्यों का संगम बनेगा गोपाल मैदान
सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर बिष्टुपुर के गोपाल मैदान में आयोजित होने वाला यह मेला अब केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी हजारों की संख्या में प्रतिभागी अपनी कला और चौड़ल के साथ शामिल होने आते हैं।
झारखंडी संस्कृति का प्रतीक है टुसू मेला
कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मंच के मुख्य संरक्षक सह संयोजक आस्तिक महतो ने कहा यह मेला हमारी मिट्टी की पहचान और झारखंडी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। 21 वर्षों का यह सफर दर्शाता है कि लोग अपनी परंपराओं से कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। हमारा लक्ष्य नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और लोक गीतों से जोड़े रखना है।
तैयारियां जोरों पर
मंच के सदस्यों ने बताया कि मेले के दौरान पारंपरिक लोक संगीत, नगाड़ा वादन और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से गोपाल मैदान में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में आयोजन समिति के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे और सभी ने इस महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
