
जमशेदपुर: झारखंड ब्राह्मण शक्ति संघ की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक शनिवार को बालीगुमा में आयोजित की गई। केंद्रीय उपाध्यक्ष बाला शंकर तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में समाज के उत्थान, राष्ट्र निर्माण और नैतिक मूल्यों के संरक्षण को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए।
केंद्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में बना ‘संकल्प 2026’
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. पवन पांडेय उपस्थित थे। उनके मार्गदर्शन में संघ ने इस वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजना और संकल्पों का खाका तैयार किया। डॉ. पांडेय ने कहा कि समाज की मजबूती उसकी जड़ों और नैतिक मूल्यों में छिपी है, जिसे सहेजना हम सभी का उत्तरदायित्व है।
बैठक के प्रमुख 7 संकल्प
संघ ने आगामी वर्ष के लिए सात मुख्य बिंदुओं पर काम करने का संकल्प लिया है जिसमे समाज के हर वर्ग को एकजुट करना और युवाओं की शिक्षा व आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देना,अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना, दिखावे और फिजूलखर्ची से बचते हुए जीवन में सादगी को प्राथमिकता देना, समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक बुराइयों और कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना, देश की प्रगति में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाना,भारतीय संविधान के आदर्शों और मूल्यों के अनुरूप समाज को आगे ले जाना और व्यक्ति के चारित्रिक विकास और सकारात्मक विचारों के संचार पर जोर देना।
समाज को नई दिशा देने का आह्वान
बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ब्राह्मण समाज को राष्ट्र निर्माण में हमेशा की तरह सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। सादगी और शिक्षा को अपनाकर ही समाज को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उपस्थित सदस्यों ने सामूहिक रूप से इन संकल्पों को धरातल पर उतारने की शपथ ली।
बैठक में उपस्थित गणमान्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से अजय ओझा, रमाशंकर पाण्डेय, जितेन्द्र मिश्रा, वीरेन्द्र तिवारी, चंदू मिश्रा, त्रिपुरारी नाथ दुबे, सौरव ओझा और धर्मेन्द्र तिवारी सहित समाज के कई प्रबुद्ध जन शामिल हुए। सभी ने संगठन के विस्तार और उसकी मजबूती पर अपने विचार साझा किए।
