
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा जनवरी माह को ‘यातायात सुरक्षा माह’ के रूप में मनाते हुए सड़कों पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने इस अभियान की प्रगति और सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए ‘जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आंकड़ों में सुधार: दुर्घटनाओं में आई गिरावट
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। प्रशासन के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, जो दर्शाता है कि निरंतर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और सख्त चेकिंग का असर धरातल पर दिख रहा है।
प्रशासन का मास्टर प्लान: इंजीनियरिंग और एनफोर्समेंट
डीसी ने बताया कि केवल चालान काटना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि व्यवस्थागत सुधार पर जोर दिया जा रहा है।शहर के विभिन्न गोलचक्करों की बनावट में सुधार किया जा रहा है ताकि मोड़ पर वाहनों का संतुलन बना रहे।सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है, जो अक्सर अंधेरे में दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां लाइटिंग और साइन बोर्ड की व्यवस्था की जा रही है।
डीसी की जनता से अपील: “सतर्क ड्राइविंग ही असली सुरक्षा”
उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी प्रयास तभी पूरी तरह सफल होंगे जब जनता सहयोग करेगी। उन्होंने तीन प्रमुख बातों पर जोर दिया जिसमे दुपहिया वाहन चालक हेलमेट और कार चालक सीटबेल्ट का अनिवार्य प्रयोग करें,निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन न करें,नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल अपराध है, बल्कि जानलेवा भी है।
उपायुक्त का विजन
“हमारा लक्ष्य दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को पूरी तरह रोकना है। प्रशासन सड़क की बनावट और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिए आम जनता की जिम्मेदारी और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण है।” — कर्ण सत्यार्थी (उपायुक्त, जमशेदपुर)
