
गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीएससी संचालक तारापदो महतो की हत्या के मामले में शनिवार को क्षेत्र में भारी तनाव देखा गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ NH-33 (टाटा-बहरागोड़ा मुख्य मार्ग) को जाम कर दिया। इस चक्का जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
जमीन विवाद और पुलिसिया लापरवाही के आरोप
मृतक के बड़े भाई षष्टी चरण महतो ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तारापदो ने क्षेत्र में हो रहे अवैध जमीन कब्जे के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई थी। इसी विवाद को लेकर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं, जिसकी जानकारी पुलिस को भी थी।
“अगर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते इस विवाद को गंभीरता से लिया होता और आरोपियों पर कार्रवाई की होती, तो आज मेरे भाई की जान नहीं जाती। यह हत्या पुलिस की लापरवाही का नतीजा है।” — षष्टी चरण महतो (मृतक के भाई)
दो गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने इस हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि इस साजिश में कई अन्य लोग भी शामिल हैं जो अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। परिजनों की मुख्य मांग है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे जाम नहीं हटाएंगे।
हाईवे पर घंटों लगा रहा जाम, राहगीर परेशान
एनएच-33 पर शव रखकर प्रदर्शन करने के कारण दोनों ओर से वाहनों का आवागमन ठप हो गया। लंबी दूरी की बसें और मालवाहक ट्रक घंटों फंसे रहे।जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।पुलिस के वरीय अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने और अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
तारापदो महतो क्षेत्र में एक सीएससी सेंटर चलाते थे और सामाजिक रूप से सक्रिय थे। जमीन के एक टुकड़े को लेकर उनका कुछ प्रभावशाली लोगों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद की रंजिश में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद से ही पूरे गालूडीह और आसपास के क्षेत्रों में उबाल है।
