
जमशेदपुर: झारखंड में नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही पूरे राज्य सहित लौहनगरी जमशेदपुर में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। चुनावी बिगुल फूँके जाने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों ने वार्डों और बस्तियों में अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की धर्मपत्नी कुमकुम श्रीवास्तव का नाम चुनावी चर्चाओं में सबसे आगे नजर आ रहा है।
चुनावी मैदान में उतरीं कुमकुम श्रीवास्तव: मिल रहा व्यापक जनसमर्थन
जमशेदपुर महानगर की राजनीति में अपनी गहरी पैठ रखने वाले राजकुमार श्रीवास्तव अपनी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव के चुनावी अभियान की कमान संभाले हुए हैं। राजकुमार श्रीवास्तव के संगठनात्मक अनुभव और पुराने कार्यकर्ताओं के साथ उनके मजबूत संबंधों का लाभ कुमकुम श्रीवास्तव को मिलता दिख रहा है। कुमकुम श्रीवास्तव को शहर के विभिन्न समुदायों, स्थानीय सामाजिक संगठनों और विशेषकर महिला समूहों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।स्थानीय लोगों का मानना है कि कुमकुम श्रीवास्तव एक सरल, मिलनसार और जमीन से जुड़ी व्यक्तित्व की धनी हैं, जो लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय रही हैं।
विकास का विजन: महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता
चुनाव प्रचार के दौरान जनसंपर्क करते हुए कुमकुम श्रीवास्तव ने अपना विजन स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा मेरा मुख्य उद्देश्य नगर निगम क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। यदि जनता मुझे सेवा का अवसर देती है, तो महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-घर तक पहुँचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।
जमशेदपुर में चुनावी हलचल तेज
जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, जमशेदपुर के गलियारों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। न केवल भाजपा, बल्कि अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। हालांकि, कुमकुम श्रीवास्तव के पक्ष में बन रहे माहौल ने प्रतिद्वंद्वियों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह प्रचार अभियान और अधिक आक्रामक और व्यापक होने की संभावना है।
