
जमशेदपुर: शहर के जाने-माने उद्यमी के पुत्र कैरव गांधी की रहस्यमय गुमशुदगी को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। रविवार को राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो कैरव गांधी के परिजनों से मिलने उनके आवास पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और पुलिसिया सुस्ती पर कड़ा रोष प्रकट किया।
“कारोबारी वर्ग असुरक्षित, विधि व्यवस्था फेल”
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए सुदेश महतो ने हेमंत सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में एक युवा 5 दिनों से लापता है और पुलिस के पास कोई ठोस जानकारी नहीं है। यह बेहद चिंताजनक है। राज्य में अपराधी बेखौफ हैं और व्यवसायी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। विधि-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
5 दिन बाद भी पुलिस का खाली हाथ होना सवालिया निशान
सुदेश महतो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के बावजूद 5 दिनों तक किसी का सुराग न मिलना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए और अब तक की गई जांच की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
आजसू ने दी आंदोलन की चेतावनी
आजसू सुप्रीमो ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस जल्द ही इस मामले में किसी सकारात्मक निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती है और कैरव का पता नहीं लगाती, तो आजसू पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने साफ किया कि समाज और व्यवसायियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्या है मामला?
विदित हो कि कैरव गांधी पिछले 5 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके बाद से शहर का उद्यमी जगत और स्थानीय लोग गहरे तनाव में हैं। पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं, लेकिन फिलहाल कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
