
जमशेदपुर: शहर के प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन ब्रह्मर्षि विकास मंच में दो फाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रविवार को जहाँ टेल्को में आयोजित एक आम सभा में नए अध्यक्ष और महासचिव के नाम की घोषणा की गई, वहीं मंच के संस्थापक महासचिव राज किशोर सिंह ने इस पूरी प्रक्रिया को सिरे से खारिज करते हुए इसे संविधान का उल्लंघन करार दिया है।
पहला पक्ष: रामनारायण शर्मा बने नए अध्यक्ष
लक्ष्मी नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय भवन में आयोजित आम सभा में मंच के सदस्यों ने एक नई कार्यकारिणी का गठन किया। सर्वसम्मति से रामनारायण शर्मा को अध्यक्ष और मुकेश शर्मा को महासचिव चुना गया। नवनियुक्त अध्यक्ष रामनारायण शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को संगठित करना और अधूरे विकास कार्यों को पूरा करना है। उन्होंने समाज से भटके हुए लोगों को वापस लाने और सशक्त समाज के निर्माण की बात कही।
दूसरा पक्ष: संस्थापक महासचिव का कड़ा पलटवार
इस नियुक्ति के तुरंत बाद मंच के संस्थापक महासचिव राज किशोर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस चयन को पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक करार दिया है।राज किशोर सिंह ने आरोप लगते हुआ कहा कि कुछ लोग समाज के नाम पर संगठन का दुरुपयोग कर रहे हैं और बिना किसी वैध प्रक्रिया के स्वयं को पदाधिकारी घोषित कर रहे हैं।संगठन का गठन एक निश्चित नियमावली के तहत हुआ है। किसी भी पद पर नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया (चुनाव या कोर कमेटी की सहमति) से ही संभव है, जिसका पालन नहीं किया गया। राज किशोर सिंह ने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व समाज को गुमराह कर रहे हैं और ब्रह्मर्षि समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की दहलीज पर पहुंचेगा मामला
राज किशोर सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को चुपचाप नहीं बैठने देंगे। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत जिला प्रशासन को सौंपेंगेसंगठन के नाम और बैनर का गलत इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध गुट के झांसे में न आएं और केवल अधिकृत पदाधिकारियों पर ही भरोसा करें।
