
जमशेदपुर: शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी देवांग गांधी के सुपुत्र कैरव गांधी के लापता होने के मामले ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। रविवार को बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (चैम्बर भवन) में शहर के तमाम प्रमुख व्यापारिक और सामाजिक संगठनों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने एक सुर में कहा— “अगर शहर का प्रतिष्ठित उद्यमी पुत्र सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की क्या बिसात?”
चैम्बर भवन में जुटा जमशेदपुर का व्यापारी जगत
रविवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल चैम्बर पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और व्यापारिक निकायों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस पर दबाव बनाना। 120 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा किसी ‘ठोस सफलता’ का साझा न किया जाना। व्यापारियों ने कहा कि जमशेदपुर जैसे शहर में ऐसी रहस्यमय घटनाएं कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रतीक हैं।
“पुलिस की प्राथमिकता में क्यों नहीं है मामला?”
व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से मांग की गई कि इस मामले को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ पर रखा जाए। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और इस रहस्यमय गुमशुदगी ने व्यापारिक समुदाय के भीतर भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
सख्त निर्णय की तैयारी
बैठक के दौरान यह संकेत मिले हैं कि यदि अगले 24 से 48 घंटों में पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुँचती है, तो शहर के सभी व्यापारिक संगठन सामूहिक रूप से जिला मुख्यालय और एसएसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। जरूरत पड़ने पर बाजार बंद करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
कैरव गांधी के घर पर पिछले पांच दिनों से सन्नाटा पसरा है। परिजन पल-पल पुलिस की ओर से किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि कई टीमें जांच में जुटी हैं और तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी,मोबाइल डंप डेटा) को खंगाला जा रहा है, लेकिन धरातल पर अब तक परिणाम ‘शून्य’ है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
व्यापारिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।कैरव गांधी मामले की जांच के लिए एसआईटी के अपडेट सार्वजनिक किए जाएं।व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा सेल का गठन हो।
