
जमशेदपुर: सड़क सुरक्षा को केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य आदत बनाने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का व्यापक अभियान जारी है। मंगलवार को जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय राय के नेतृत्व में स्कूली बच्चों ने सड़क पर उतरकर शहरवासियों को सुरक्षित सफर का संदेश दिया।
स्कूली बच्चों ने निकाली भव्य जागरूकता रैली
मंगलवार को आयोजित इस विशेष अभियान के तहत स्कूली बच्चों ने एक विशाल रैली निकाली। बच्चों ने अपने हाथों में यातायात नियमों से जुड़ी तख्तियां और बैनर थाम रखे थे। रैली के माध्यम से मुख्य रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता,चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का नियमित प्रयोग। “रफ्तार का रोमांच, जान का जोखिम” जैसे नारों के साथ तेज गति से वाहन न चलाने की अपील, सिग्नल और सड़क संकेतों का सम्मान।
“जागरूकता के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं सामने”: डीटीओ
अभियान को संबोधित करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने एक उत्साहजनक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे निरंतर जागरूकता अभियानों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है।”पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि लोग अब यातायात नियमों के प्रति गंभीर हो रहे हैं।”
बच्चे बनेंगे ‘रोड सेफ्टी एंबेसडर’
डीटीओ ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में स्कूली बच्चे सबसे सशक्त माध्यम साबित हो सकते हैं। वे न केवल खुद नियम सीखेंगे, बल्कि अपने घरों में माता-पिता और बड़े भाई-बहनों को भी हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए टोकेंगे। उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे अपने बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर देश के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान दें।
जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न चौराहों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह के सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
