
सरायकेला: सरायकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत पठानमारा के पास रविवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना टल गई, लेकिन आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। चाईबासा जा रहे एक मालवाहक ऑटो में अचानक आग लग जाने से वाहन और उसमें लदा लाखों का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और वाहन से बाहर कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई।
तारपीन और पेंट ने आग को बनाया विकराल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल क्षेत्र के निवासी बबन सिंह अपने मालवाहक ऑटो में पेंट और तारपीन के गैलन लादकर डिलीवरी देने चाईबासा जा रहे थे। जैसे ही वे सरायकेला के पठानमारा के पास पहुंचे, ऑटो के इंजन या पिछले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने तारपीन के गैलनों को अपनी चपेट में ले लिया। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरे ऑटो को अपनी आगोश में ले लिया।
स्थानीय लोगों की सक्रियता और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सरायकेला थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनय कुमार अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: बालू और मिट्टी का लिया सहारा
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सामान्य पानी से बुझाना मुश्किल हो रहा था। दमकल कर्मियों और पुलिस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से बालू और मिट्टी का छिड़काव किया, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक ऑटो और उसमें रखा लाखों रुपये मूल्य का पेंट व अन्य सामान पूरी तरह स्वाहा हो चुका था।
जांच में जुटी पुलिस
सरायकेला थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन की गर्मी हो सकती है, लेकिन असली कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। पुलिस और अग्निशमन विभाग नुकसान का आकलन करने और आग लगने की सटीक वजहों को खंगालने में जुटे हैं।
