
जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड को लेकर मंगलवार को जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक जानकारी साझा की। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस के जबरदस्त दबाव और कई राज्यों में की गई सघन छापेमारी के कारण ही अपहरणकर्ता कैरव गांधी को छोड़ने पर मजबूर हुए।
रात 12:30 बजे बॉर्डर से हुई रिकवरी
एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस की टीमें लगातार पीछा कर रही थीं। मंगलवार तड़के नहीं, बल्कि बीती रात करीब 12:30 बजे कैरव गांधी को बिहार-झारखंड सीमा के पास से सुरक्षित रिकवर किया गया। रिकवरी के बाद पुलिस की सुरक्षा में उन्हें उनके परिजनों तक पहुँचाया गया। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान जिला पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय रहे।
अपहरणकर्ता चिन्हित, फिरौती पर सस्पेंस बरकरार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के सबसे अहम सवाल ‘फिरौती’ को लेकर एसएसपी ने फिलहाल कोई पुष्टि नहीं की है। पुलिस इसे अपनी रणनीति का हिस्सा मान रही है। हालांकि, एसएसपी ने यह जरूर बताया कि पुलिस ने इस कांड में शामिल गिरोह की पहचान कर ली है।आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें कई संभावित ठिकानों और राज्यों में दबिश दे रही हैं।मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर केस को सुलझा लिया गया है, बस मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है।
13 जनवरी से 27 जनवरी तक की पूरी कहानी
बीते 13 जनवरी को प्रतिष्ठित उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी रहस्यमयी तरीके से लापता हुए थे। 14 दिनों तक चले इस हाई-प्रोफाइल ड्रामा में पुलिस ने कई राज्यों के बॉर्डर सील कर दिए थे। एसएसपी के अनुसार, पुलिस का घेरा इतना सख्त था कि अपराधी कैरव को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं कर पा रहे थे और अंततः उन्हें छोड़ना पड़ा।
फिलहाल स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं कैरव
14 दिनों के मानसिक और शारीरिक तनाव के बाद कैरव गांधी फिलहाल अपने घर पर परिजनों के साथ हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। पुलिस ने बताया कि कैरव का बयान दर्ज करने और अन्य कानूनी औपचारिकताओं को उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद पूरा किया जाएगा।
एसएसपी का भरोसा: “जल्द होगा सलाखों के पीछे पूरा गिरोह”
एसएसपी पीयूष पांडे ने आश्वासन दिया कि जमशेदपुर पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बहुत जल्द इस पूरे मामले का विधिवत खुलासा किया जाएगा और साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
