जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का ऐतिहासिक आयोजन: राज्यपाल ने किया अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन; देश-विदेश के 200 दिग्गज जुटे

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जमशेदपुर: लौहनगरी के शैक्षणिक इतिहास में गुरुवार, 29 जनवरी का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और कोल्हान विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “मानव स्वास्थ्य में पर्यावरणीय म्यूटाजेनेसिस और एपिजेनोमिक्स” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

75 वर्षों के इतिहास में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का समागम

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने स्वागत भाषण के दौरान गर्व के साथ बताया कि कॉलेज की स्थापना के 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में यह पहला अवसर है, जब इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जमशेदपुर और कोल्हान विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि है।

डीएनए और रासायनिक बदलावों पर मंथन

संगोष्ठी का मुख्य विषय मनुष्य के स्वास्थ्य पर पर्यावरण के प्रभावों से जुड़ा है। अगले दो दिनों तक चलने वाले सत्रों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतरराष्ट्रीय वक्ता अपने विचार रखेंगे जिसमे पर्यावरण के कारण डीएनए में होने वाले बदलाव,शरीर में होने वाले जटिल रासायनिक परिवर्तन और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव और शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार पर मंथन होगा।

राज्यपाल ने शोधार्थियों को किया प्रोत्साहित

मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में शोध और नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शोधार्थियों को वैश्विक स्तर की चुनौतियों से निपटने और नई दिशा खोजने में मदद करते हैं। उन्होंने कोल्हान विश्वविद्यालय और को-ऑपरेटिव कॉलेज के इस प्रयास की सराहना की।

प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की मौजूदगी

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की संरक्षक कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता रहीं, जिनकी देखरेख में इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने की। संगोष्ठी में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी 200 से अधिक शिक्षाविद और शोधार्थी जमशेदपुर पहुँचे हैं।

विद्यार्थियों को मिलेगा नया विज़न

31 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्राचार्य डॉ. अमर सिंह के अनुसार, इस संगोष्ठी से होने वाली चर्चाओं और शोध पत्रों के आदान-प्रदान से स्थानीय विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों के साथ जुड़ने और आधुनिक विज्ञान की बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

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