रेडियंट झारखंड 2.0: जमशेदपुर में ज्ञान और नवाचार का महाकुंभ शुरू; पहले ही दिन 6000 छात्रों ने किया दीदार, जानें क्या है खास

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जमशेदपुर: लौहनगरी के होटल रामाडा में बहुप्रतीक्षित तीन दिवसीय मेगा प्रदर्शनी ‘रेडियंट झारखंड 2.0’ का भव्य शुभारंभ हुआ। अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित और फीता काटकर इस आयोजन का विधिवत उद्घाटन किया। प्रदर्शनी के पहले ही दिन छात्रों और आम जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहाँ लगभग 6000 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया।

शिक्षा, करियर और कृषि का संगम

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक झा ने कहा कि रेडियंट झारखंड 2.0 में समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ सीखने को है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को करियर स्टॉल्स पर जाने की सलाह दी, वहीं किसानों के लिए कृषि स्टॉल्स को अत्यंत ज्ञानवर्द्धक बताया।

पीएसयूस और सरकारी संस्थानों से सीधा संवाद

विज्वल मिथ्स के चेयरमैन वनीश गुप्ता और प्रोजेक्ट डायरेक्टर किंजल गांधी ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य जनता और सरकारी संस्थानों के बीच की दूरी को कम करना है।प्रदर्शनी में प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयूस) ने अपने नवीनतम नवाचारों और विकास योजनाओं का प्रदर्शन किया है। छात्रों को यहाँ करियर विकल्पों, कौशल विकास पहलों और उभरते उद्योगों की सीधी जानकारी मिल रही है।

गुजरात का हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत

इस मेगा प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण गुजरात हथकरघा एवं हस्तशिल्प के स्टॉल्स हैं। यहाँ मास्टर कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इसके साथ ही गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी के स्टॉल्स भी तकनीक के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की जानकारी दे रहे हैं।

इन प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति

समारोह में डॉ. अशोक झा के अलावा सीएसआईआर–एनएलएम के मार्केटिंग हेड गोपाल कृष्ण, एडीएलएस सनशाइन की प्राचार्य मंजू सिंह, टाटा वर्कर्स यूनियन हाई स्कूल की प्राचार्य सेटेंग केरर्कटा, आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन की वाइस प्रिंसिपल पल्लवी चौधरी, एनआईसी के डिप्टी डायरेक्टर दीपक, सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर उमेश सिंह और तमिलनाडु हॉर्टिकल्चर की डिप्टी डायरेक्टर सिंथिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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