
जमशेदपुर:लौहनगरी के बहुचर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड का जमशेदपुर पुलिस ने अंततःआधिकारिक खुलासा कर दिया है। 13 जनवरी को बिस्टुपुर जैसे सुरक्षित इलाके से हुए इस सनसनीखेज अपहरण ने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन एसएसपी पीयूष पांडेय के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 17 दिनों के भीतर न केवल उद्यमी को सकुशल बरामद किया, बल्कि अंतरराज्यीय गिरोह के 6 शातिर अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
भारी दबाव के बीच जीटी रोड पर छोड़ भागे अपराधी
प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि 24 वर्षीय युवा उद्यमी कैरव गांधी की बरामदगी पुलिस के बढ़ते दबाव का परिणाम थी। पुलिस की टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार और अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। चारों तरफ से घिरता देख अपहरणकर्ता युवक को चौपारण-बरही (जीटी रोड) के बीच छोड़कर फरार हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था।
बिहार के विभिन्न जिलों से हुई 6 गिरफ्तारियां
युवक की बरामदगी के बाद पुलिस का ध्यान अपराधियों को पकड़ने पर था। मानवीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस ने बिहार के गया, पटना और नालंदा जिलों में छापेमारी कर गिरोह के 6 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अपराधियो में गुड्डू सिंह (मुख्य आरोपी),उपेंद्र सिंह,अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मोहम्मद इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा और मोहन कुमार प्रसाद है।
आधी रात को मुठभेड़: पुलिस पर की थी फायरिंग
एसएसपी ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हथियार बरामदगी के दौरान अपराधियों ने पुलिस का सरकारी हथियार छीनकर उन पर फायरिंग करने का प्रयास किया था। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के पैर में गोली लगी है। तीनों घायलों का इलाज फिलहाल पुलिस कस्टडी में एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।
हथियार, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त गाड़ी बरामद
पूछताछ के बाद पुलिस ने अपराधियों के पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं जिसमें 02 देसी कट्टा, .315 बोर की 04 जिंदा गोलियां, घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कॉर्पियो सहित कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए है।
संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार: एसएसपी
एसएसपी पीयूष पांडेय ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जमशेदपुर में किसी भी प्रकार के संगठित अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा अपहरण कांड में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। यह पुलिस की प्रतिबद्धता है कि शहर का हर नागरिक और व्यापारी सुरक्षित महसूस करे। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि इस गिरोह के अन्य मददगारों तक पहुँचा जा सके।
