
रांची: झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘झारखंड के लाल’ महेंद्र सिंह धोनी अब आधिकारिक तौर पर झारखंड पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू के साथ हुई हालिया मुलाकातों के बाद धोनी ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव: ‘मैडास’ ने तैयार किया ड्राफ्ट
धोनी और राज्य सरकार के बीच होने वाले इस करार के लिए कानूनी प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार धोनी की ब्रांडिंग संभालने वाली एजेंसी “मैडास” ने कई महीने पहले ही सरकार को समझौते का ड्राफ्ट भेज दिया था। पर्यटन विभाग अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराने की तैयारी में जुटा है, ताकि जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सके।
धोनी नहीं लेंगे कोई फीस, प्रोडक्शन पर खर्च होंगे ₹4 करोड़
इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि धोनी ने अपने गृह राज्य की ब्रांडिंग के लिए कोई भी व्यक्तिगत शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है। हालांकि, ब्रांडिंग के तकनीकी कार्यों के लिए बजट आवंटित किया गया है। धोनी की सलाह पर एक प्रोफेशनल प्रोडक्शन एजेंसी को मनोनयन के आधार पर काम सौंपा जाएगा।प्रोडक्शन कंपनी को लगभग 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
शूटिंग और वीएफएक्स
मुंबई में एक दिन की विशेष शूटिंग निर्धारित की गई है, जिसके बाद हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स के जरिए झारखंड के पर्यटन स्थलों को धोनी के साथ फीचर करते हुए फाइनल पोस्ट-प्रोडक्शन का काम किया जाएगा।
ब्रांडिंग से पर्यटन में आएगा उछाल: सुदिव्य सोनू
पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू और सीएम हेमंत सोरेन का मानना है कि धोनी की वैश्विक लोकप्रियता का सीधा लाभ झारखंड को मिलेगा। झारखंड के पास बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट, पतरातु वैली और देवघर जैसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल हैं। धोनी का चेहरा जुड़ने से न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आकर्षण भी झारखंड की ओर बढ़ेगा।
