
जमशेदपुर: लौहनगरी की जानी-मानी हस्ती और रामगढ़िया सिख बिरादरी के प्रमुख स्तंभ सरदार अवतार सिंह कुंद्रा (86 वर्ष) का शनिवार मध्य रात्रि निधन हो गया। बिस्टुपुर रानीकुदर निवासी अवतार सिंह कुंद्रा पिछले कुछ समय से हृदय रोग एवं उम्र संबंधी अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने टीएमएच के आईसीयू में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे सिख समाज और उद्यमी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
रविवार को पार्वती घाट पर दी जाएगी अंतिम विदाई
मृतक के पुत्र अमरिंदर सिंह कुंद्रा ने बताया कि परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के बाहर से आने का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान में पार्थिव देह को टीएमएच शीत गृह में रखा गया है। सरदार अवतार सिंह कुंद्रा का अंतिम संस्कार रविवार (1 फरवरी) को बिस्टुपुर स्थित पार्वती बर्निंग घाट पर किया जाएगा।
समाज और व्यापारिक जगत में महत्वपूर्ण योगदान
रामगढ़िया सभा के प्रधान सरदार केपीएस बंसल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि अवतार सिंह कुंद्रा जमशेदपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। वे अपनी पैतृक फर्म ‘बीर सिंह एंड संस’ और ‘कुंद्रा इंजीनियरिंग’ के माध्यम से औद्योगिक जगत से लंबे समय तक जुड़े रहे।वे खालसा क्लब के ट्रस्टी होने के साथ-साथ रामगढ़िया सभा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। समाज सेवा और सामुदायिक एकजुटता में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
सिख समाज ने जताया गहरा शोक
उनके निधन को सिख समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए शहर की कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। शोक जताने वालों में मुख्य रूप से सरदार शैलेंद्र सिंह (प्रधान, झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं ट्रस्टी, रामगढ़िया सभा),संता सिंह (रामगढ़िया रतन एवं ट्रस्टी, खालसा क्लब),हरजीत सिंह विरदी (पूर्व अध्यक्ष) एवं भगवंत सिंह रूबी (अध्यक्ष, रामगढ़िया सभा),अधिवक्ता कुलविंदर सिंह (अध्यक्ष, कौमी सिख मोर्चा),महासचिव नरेंद्र सिंह, ताजबीर सिंह कलसी, सतिंदर सिंह बब्बू और ज्योतिंद्र सिंह बब्बू शामिल हैं।सिख समुदाय के नेताओं का कहना है कि सरदार अवतार सिंह कुंद्रा एक मार्गदर्शक के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की बेहतरी और सिख परंपराओं के संरक्षण में समर्पित कर दिया।
