
जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज के भूगोल विभाग में शनिवार को “सेलेस्टियल एंड मीट्रोलॉजिकल ऑब्जरवेशन” (खगोलीय एवं मौसम विज्ञान अवलोकन) विषय पर आधारित 17वीं वार्षिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष की प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ‘वेदर फोरकास्टिंग एवं हॉल यूनिवर्स’ रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।
प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा, “प्रदर्शनी और शोध जैसे कार्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता और बौद्धिक विकास के लिए आवश्यक हैं।”
पोस्टर प्रदर्शनी में दिखा ‘ब्रह्मांड और मौसम’ का संगम
प्रदर्शनी में अलग-अलग सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने खगोल विज्ञान और मौसम विज्ञान से जुड़े जटिल विषयों को पोस्टरों के माध्यम से बेहद सरल ढंग से प्रस्तुत किया जिसमे सेमेस्टर 2 की छात्रा स्वेता कुमारी ने बैरोमीटर और एनीमोमीटर जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली समझाई। वहीं, रुहीना सुम्बुल ने वायुमंडल की विभिन्न परतों का सजीव चित्रण किया।अंजना कर्मकार और आदर्श गुप्ता ने सौरमंडल की बारीकियों को दिखाया। खुशी कुमारी ने “नई आकाशगंगा: अलकनंदा ए-12” पर अपना शोध प्रस्तुत किया, जबकि रश्मि बेसरा ने तारों के अंत और सुपरनोवा विस्फोट की रोमांचक प्रक्रिया को प्रदर्शित किया।कुमारी निशा रानी ने बदलते मौसम के वैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट किया, तो आयशा खातून ने सूर्य ग्रहण के तथ्यों पर अपनी प्रस्तुति दी।
निर्णायक मंडल और गणमान्य अतिथि
विद्यार्थियों की प्रतिभा का मूल्यांकन करने के लिए डॉ. ज़ाहीद परवेज एवं डॉ. संध्या सिन्हा निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने पोस्टर की सटीकता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन किया।इस विशेष अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. आले अली, सहायक प्राध्यापक डॉ. फरजाना अंजुम, डॉ. एनायत बानू सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और परिश्रम की मुक्त कंठ से सराहना की।
