
जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय सहित राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र के विलंबित होने से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शनिवार को संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय से मुलाकात कर उन्हें छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया।
नई शिक्षा नीति और सत्रों की लेटलतीफी से छात्र परेशान
जिला सचिव मुकेश रजक के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद से प्रबंधन की खामियां सामने आ रही हैं। विशेषकर शैक्षणिक सत्र 2022-26 और 2023-27 के छात्र-छात्राएं भारी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।समय पर परीक्षा नहीं होने और रिजल्ट में देरी के कारण छात्र न तो अगली कक्षा में नामांकन ले पा रहे हैं और न ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर पा रहे हैं।
छात्रों पर बढ़ रहा है मानसिक और आर्थिक दबाव
प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि शैक्षणिक कुप्रबंधन के कारण विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर मानसिक और आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। एआईएसएफ ने विधायक से आग्रह किया कि इस मुद्दे को आगामी झारखंड विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाए ताकि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय हो सके।
सरयू राय ने दिया आश्वासन
विधायक सरयू राय ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर सकारात्मक पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य अंधकारमय न हो। उन्होंने कहा कि इस मामले को सदन में उठाऊंगा और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग करूंगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से मुकेश रजक के साथ रंजन यादव, आमिर खान और अन्य छात्र कार्यकर्ता उपस्थित थे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सत्रों को नियमित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
