
जमशेदपुर: लौहनगरी में टाटा स्टील (यूटिलिटीज) द्वारा बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई आयोजित की गई। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष हुई इस सुनवाई में उपभोक्ताओं, स्थानीय प्रतिनिधियों और टाटा स्टील के अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
महंगी बिजली पर उपभोक्ताओं का कड़ा ऐतराज
सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों और संगठनों ने प्रस्तावित दर वृद्धि का कड़ा विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों का तर्क था कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से आम जनता और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।कई लोगों ने कहा कि मौजूदा दरें पहले से ही पर्याप्त हैं, ऐसे में बढ़ोतरी अनुचित है।वहीं, कुछ लोगों ने बेहतर सर्विस और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव का समर्थन भी किया।
“पैसे लिए पर कनेक्शन नहीं मिला” – उपभोक्ताओं का आरोप
जनसुनवाई में केवल बिजली दरों पर ही नहीं, बल्कि कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्होंने नए बिजली कनेक्शन के लिए महीनों पहले पैसे जमा कर दिए हैं, लेकिन अब तक उन्हें कनेक्शन नहीं मिला है। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टाटा स्टील का पक्ष: “वृद्धि नियम अनुकूल”
उपभोक्ताओं की शिकायतों और विरोध पर टाटा स्टील के सीनियर जनरल मैनेजर ने बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित दर वृद्धि पूरी तरह से नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों और बाजार की स्थितियों के अनुकूल है।कंपनी बिजली के बुनियादी ढांचे को और आधुनिक बनाने के लिए निवेश कर रही है।न्होंने लंबित कनेक्शनों के जल्द निपटारे का आश्वासन दिया और तकनीकी कारणों से हो रही देरी को दूर करने की बात कही।
अब आयोग लेगा अंतिम फैसला
इस जनसुनवाई में दर्ज की गई आपत्तियों और कंपनी के स्पष्टीकरण के आधार पर अब झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। यदि आयोग प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की नई दरें लागू हो जाएंगी।
