
चाकुलिया: गर्मी की दस्तक के साथ ही चाकुलिया के जंगलों में आग का तांडव शुरू हो गया है। मंगलवार की दोपहर चाकुलिया वन क्षेत्र के दिघी स्थित मोहनडुंगरी और बूढ़ीसोल के जंगलों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते इसने फूलों से लदे काजू के दर्जनों पेड़ों और सैकड़ों औषधीय पौधों को अपनी चपेट में ले लिया।
एयर ब्लोअर से वनकर्मियों ने पाया काबू
आगजनी की सूचना मिलते ही प्रभारी वनपाल कल्याण महतो के निर्देश पर क्विक रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जंगल में सूखी पत्तियों और झाड़ियों के कारण आग की लपटें तेजी से साल के ऊंचे पेड़ों तक फैल गई थीं। वनकर्मियों ने आधुनिक एयर ब्लोअर मशीन का उपयोग करते हुए घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका।
वन्य प्राणियों में मची अफरा-तफरी
इस आगजनी के कारण जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।जंगल में रहने वाले छोटे वन्य प्राणियों, रेंगने वाले जीवों और पक्षियों के घोंसले जलकर खाक हो गए, जिससे उनमें अफरा-तफरी मच गई।पूरा इलाका काले धुएं से भर गया, जिससे आसपास के ग्रामीणों को भी सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों की लापरवाही पर विभाग की नजर
वन विभाग को प्राथमिक जांच में अंदेशा है कि किसी ग्रामीण द्वारा महुआ चुनने या बीड़ी पीने के दौरान छोड़ी गई चिंगारी ने इस विकराल आग का रूप लिया है। वनपाल कल्याण महतो ने चेतावनी दी है कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी की शुरुआत और बढ़ता खतरा
उल्लेखनीय है कि चाकुलिया क्षेत्र में गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सूखे पत्तों में आग न लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
