फाइलेरिया के खिलाफ जंग: घाटशिला के भारत सेवाश्रम संघ में 295 बच्चों को खिलाई गई दवा, स्वास्थ्य विभाग ने दी जागरूकता की डोज

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जमशेदपुर/घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को घाटशिला प्रखंड के बड़ाजुड़ी पंचायत स्थित भारत सेवाश्रम संघ में एक विशेष दवा सेवन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

295 बच्चों ने किया फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन

स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं के साझा प्रयासों से आयोजित इस शिविर में भारत सेवाश्रम संघ के कुल 295 बच्चों को स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया गया। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से बाहर न रहे।

जागरूकता: ‘बचाव ही एकमात्र उपाय’

दवा सेवन के साथ-साथ आश्रम के शिक्षकों और बच्चों को इस बीमारी की गंभीरता से अवगत कराया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसे ‘हाथीपांव’ भी कहा जाता है क्योंकि यह अंगों में सूजन पैदा कर उन्हें विकृत कर देती है। यह एक लाइलाज बीमारी है, जिसका बचाव ही एकमात्र समाधान है। वर्ष में एक बार दवा का सेवन करने से इस बीमारी के कृमियों को शरीर में पनपने से रोका जा सकता है।

प्रखंड स्तर पर व्यापक अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंडों में यह अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों, आश्रमों और सामुदायिक केंद्रों पर शिविर लगाकर लोगों को दवा खिलाई जा रही है। बड़ाजुड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बीमारी के लक्षण, मच्छरों से बचाव और स्वच्छता के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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