
देहरादून/जमशेदपुर: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जमशेदपुर निवासी विक्रम शर्मा की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सोमवार को देहरादून पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनके तार सीधे तौर पर जमशेदपुर के अपराधी गुटों से जुड़े हैं।
जमशेदपुर से जुड़े हैं आरोपियों के तार
पुलिस ने इस मामले में जमशेदपुर के दो युवकों को गिरफ्तार किया है जिसमे राजकुमार: निवासी – बागबेड़ा, जमशेदपुर और अक्षत ठाकुर उर्फ संजीव कुमार: निवासी – जुगसलाई एम.ई. स्कूल रोड, जमशेदपुर।
सितंबर से चल रही थी प्लानिंग, जिम में हुई रेकी
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विक्रम शर्मा को मारने की योजना पिछले साल सितंबर से ही तैयार की जा रही थी।हत्या जमशेदपुर या नोएडा में होनी थी, लेकिन जमशेदपुर में विक्रम के साथ हमेशा कई लोगों की मौजूदगी के कारण शूटरों को मौका नहीं मिला। हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपी अंकित ने नवंबर माह में उसी जिम को ज्वाइन किया जहाँ विक्रम शर्मा जाता था। वहां उसने 5 महीने तक विक्रम की गतिविधियों की रेकी की। गिरफ्तार आरोपियों (राजकुमार और अक्षत) ने शूटरों को हथियार और भागने के लिए फंड मुहैया कराया था।
गैंगस्टर गणेश सिंह पुलिस की रडार पर
देहरादून पुलिस के अनुसार, इस पूरी हत्या के पीछे गैंगस्टर गणेश सिंह का हाथ होने का संदेह है। गणेश सिंह फिलहाल पुलिस की रडार पर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
आधा दर्जन से अधिक आरोपी अब भी फरार
इस हत्याकांड में शामिल कई अन्य लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपियों की सूची में अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहू शामिल हैं।
पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश का परिणाम है। जमशेदपुर के गैंगवार और आपसी विवाद की आग अब उत्तराखंड तक पहुँच गई है। पुलिस फरार आरोपियों और मुख्य मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पुलिस के साथ भी संपर्क में है।
