
जमशेदपुर: जमशेदपुर ब्लड सेंटर के सभागार में स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता द्वारा संचालित 6 माह के ‘मास्टर मोटीवेटर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का 12वां बैच सफलता की ओर अग्रसर है। इसी कड़ी में रविवार, 22 फरवरी को प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का मिला प्रशिक्षण
टीम पीएसएफ के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को ‘गोल्डन आवर’ (हादसे के बाद का पहला एक घंटा) के महत्व को समझाया। कार्यशाला में प्रेजेंटेशन और लाइव डेमो के माध्यम से निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
CPR तकनीक: हृदय गति रुकने पर जान बचाने की महत्वपूर्ण विधि।
प्राथमिक सहायता: घायल को अस्पताल पहुँचाने से पहले दी जाने वाली आवश्यक चिकित्सा।
रेस्क्यू ट्रिक्स: डूबते हुए व्यक्ति को बचाने, आग से झुलसने और हड्डियां टूटने पर की जाने वाली तात्कालिक कार्रवाई।
स्ट्रेचर ड्रिल व एम्बुलेंस लोडिंग: घायल को सुरक्षित तरीके से वाहन तक पहुँचाने का सही तरीका।
मास्टर मोटीवेटर: रक्तदान से जीवनदान तक
वीवीडीए द्वारा प्रति रविवार चलने वाले इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य ऐसे ‘प्रेरक’ तैयार करना है जो समाज में न केवल स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा दें, बल्कि किसी भी हादसे के वक्त प्राथमिक उपचार देकर जान भी बचा सकें। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि एक मास्टर मोटीवेटर की भूमिका केवल रक्त के अवयवों की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक लाइफ सेवर (जीवन रक्षक) भी है।
व्यावहारिक कौशल पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं ने स्वयं स्ट्रेचर ड्रिल और रेस्क्यू ट्रिक्स का अभ्यास किया। विशेषज्ञों ने बताया कि अक्सर सही जानकारी के अभाव में लोग घायल की मदद नहीं कर पाते, लेकिन इस प्रशिक्षण के बाद ये युवा किसी भी आपात स्थिति में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
