
जमशेदपुर: जमशेदपुर के ग्रेजुएट कॉलेज के भूगोल विभाग की सेमेस्टर-2 की छात्राओं ने शनिवार को एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण किया। पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में छात्राओं ने रांची स्थित डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान और संग्रहालय का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय समाज के ऐतिहासिक विकास से प्रत्यक्ष रूप से रूबरू कराना था।
विलुप्तप्राय जनजातियों के जीवन दर्शन को समझा
संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं में छात्राओं ने राज्य की विविध जनजातियों, विशेषकर विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों के जीवन दर्शन और उनकी विशिष्ट परंपराओं के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। यहाँ आदिकाल से लेकर वर्तमान समय तक के जनजातीय जीवन और उनके सामाजिक-आर्थिक योगदान को बेहद खूबसूरती और क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया गया है।
भगवान बिरसा मुंडा और जनजातीय योद्धाओं को दी श्रद्धांजलि
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने भगवान बिरसा मुंडा सहित झारखंड के उन तमाम जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को गहराई से समझा, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। छात्राओं के लिए यह अनुभव केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर धरातलीय वास्तविकता और ऐतिहासिक शोध को समझने का एक प्रभावी माध्यम बना।
डॉ. दिप्ती के निर्देशन में संपन्न हुआ भ्रमण
यह पूरा शैक्षणिक दौरा भूगोल विभाग की प्राध्यापक डॉ. दिप्ती के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। उन्होंने छात्राओं को संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न कलाकृतियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उत्साह के साथ छात्राओं ने जनजातीय जीवन शैली के विभिन्न पहलुओं को अपनी डायरी में भी दर्ज किया।
