
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शनिवार दोपहर का है, जहाँ बड़ामारा पंचायत के मौरबेड़ा गांव के पास स्थित आकाशिया जंगल में भीषण आग लग गई। पिछले एक महीने के भीतर प्रखंड में आगजनी की यह 12वीं से अधिक घटना है, जिससे वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
शरारती तत्वों की करतूत: धू-धू कर जला आकाशिया जंगल
मिली जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात शरारती तत्व द्वारा जंगल में आग लगा दी गई थी। सूखे पत्तों और झाड़ियों की मौजूदगी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे वन क्षेत्र में फैल गई। इस आग की चपेट में आने से बेशकीमती पेड़-पौधे झुलस गए और छोटे वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है।
ग्रामीणों ने साहस दिखाकर आग पर पाया काबू
आग की लपटें तेज होते देख मौरबेड़ा के ग्रामीण एकजुट हुए। संसाधनों के अभाव के बावजूद ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को बस्ती की ओर बढ़ने से रोका जा सका। हालांकि, तब तक जंगल का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
वन विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों के दस्तक देते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन वन विभाग द्वारा रोकथाम के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
