जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में रसोई गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर में गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ी खाई देखने को मिल रही है। एक ओर जहां गैस एजेंसी संचालक सब कुछ सामान्य होने का दम भर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता एक-एक सिलेंडर के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
सुबह से ही कतारों में खड़े हो रहे बुजुर्ग और महिलाएं
शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित गैस एजेंसियों के बाहर का नजारा बदहाली की कहानी बयां कर रहा है।लोग अपना जरूरी कामकाज छोड़कर सुबह तड़के ही गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।बुकिंग और सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें इस तपती धूप और अव्यवस्था के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का सवाल: “अगर कमी नहीं, तो भीड़ क्यों?”
आम लोगों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एजेंसियां यह दावा कर रही हैं कि स्टॉक की कोई कमी नहीं है, तो फिर बुकिंग के कई दिनों बाद भी होम डिलीवरी क्यों नहीं हो रही? कई लोगों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उन्हें एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।समय पर गैस न मिलने के कारण घरों में खाना बनाने की समस्या खड़ी हो गई है, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रशासनिक आश्वासन बनाम जमीनी हकीकत
यह समस्या पिछले कुछ दिनों से लगातार बनी हुई है। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग बार-बार स्थिति सुधारने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर सुधार की गति बेहद धीमी है। लोगों का मानना है कि वितरण प्रणाली में कहीं न कहीं बड़ी खामी है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
