आदित्यपुर: मांझीटोला स्थित त्रिपुरारी नगर शिव मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का नया अध्याय शुरू हो गया है। हनुमान जी की नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित बहुप्रतीक्षित अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ सैकड़ों महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा के साथ हुआ।
कलश यात्रा: श्रद्धा और विश्वास का संगम

मंगलवार को आयोजित इस कलश यात्रा में त्रिपुरारी नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं।पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पवित्र नदी से कलश में जल भरा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यात्रा की शुरुआत की। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरी, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। अंत में कलश यात्रा मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई, जहाँ कलशों को विधि-विधान से स्थापित किया गया।
बुधवार के विशेष अनुष्ठान: ‘पंच-अधिवास’ और देव स्नान

प्राण-प्रतिष्ठा के दूसरे दिन यानी बुधवार (25 मार्च) को विद्वान पंडितों के सानिध्य में मूर्ति के शुद्धिकरण और ‘वास’ की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। आज के मुख्य आकर्षण निम्न रहेंगे भगवान की प्रतिमा को विभिन्न तत्वों में प्रतिष्ठित करने के लिए पुष्पाधिवास (फूलों में), वस्त्राधिवास (वस्त्रों में), फलाधिवास (फलों में) और मिष्ठान्नाधिवास (मिठाई में) जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान किए जाएंगे। इस विशेष धार्मिक विधि के तहत हनुमान जी की प्रतिमा का पवित्र द्रव्यों से स्नान कराया जाएगा।दिन के अंत में प्रतिमा को शय्याधिवास (विश्राम की अवस्था) में रखा जाएगा, जो प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व की एक अनिवार्य वैदिक प्रक्रिया है।
क्षेत्र में उत्सव का माहौल
त्रिपुरारी नगर शिव मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हनुमान जी की इस नई प्रतिमा की स्थापना से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। मंदिर को फूलों और बिजली की लड़ियों से भव्य रूप से सजाया गया है।
“हनुमान जी की कृपा से आज त्रिपुरारी नगर का हर घर उत्सव मना रहा है। अगले दो दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ और भंडारे में सभी भक्तों का स्वागत है।” — मंदिर समिति सदस्य
