आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित इंडो डेनिश टूल रूम में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब संस्थान के सैकड़ों छात्र प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली के ट्रांसफर के विरोध में उग्र प्रदर्शन पर उतर आए। छात्रों ने संस्थान के मुख्य गेट को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
मुख्य गेट जाम कर छात्रों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इंडो डेनिश टूल रूम के मुख्य प्रवेश द्वार को जाम कर दिया। इसके कारण संस्थान के शिक्षक और कर्मचारियों को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया गया। छात्रों का कहना है कि जब तक सुमित कोली के ट्रांसफर आदेश को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों का दावा – प्लेसमेंट में कर रहे थे बेहतर काम
छात्रों का आरोप है कि सुमित कोली संस्थान में प्लेसमेंट से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से संभाल रहे थे और उनके प्रयासों से कई छात्रों को कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल रहे थे। ऐसे में उनका अचानक ट्रांसफर कर दिया जाना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है।छात्रों का कहना है कि अगर किसी भी कारण से उनका ट्रांसफर किया गया है तो पहले छात्रों और संस्थान को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी।
सुमित कोली ने छात्रों से की आंदोलन समाप्त करने की अपील
स्थिति को शांत कराने के लिए प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली स्वयं छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की और कहा कि वे संस्थान के नियमों और प्रशासनिक निर्णयों का सम्मान करें।हालांकि उनकी अपील के बावजूद छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे और विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
प्रबंधन ने कैमरे पर बोलने से किया इनकार
वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले पर संस्थान प्रबंधन ने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, सुमित कोली का ट्रांसफर संस्थान के शीर्ष प्रबंधन स्तर पर लिया गया निर्णय है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थिति पर नजर
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निगरानी कर रही है। पुलिस प्रशासन छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दे रहा है।समाचार लिखे जाने तक इंडो डेनिश टूल रूम के मुख्य गेट पर छात्रों का प्रदर्शन जारी था और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
