जमशेदपुर:राज्य में बिजली दरों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के खिलाफ आक्रोश की आग अब सड़कों तक पहुँच गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और उपभोक्ताओं ने आज बिजली विभाग के महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए बढ़े हुए शुल्क को ‘जनविरोधी’ करार दिया।#
आम आदमी और किसानों पर दोहरी मार
प्रदर्शनकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि बिजली शुल्क में वृद्धि से हर वर्ग प्रभावित है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए मासिक बजट बिगड़ गया है। बिजली महंगी होने से किसानों की सिंचाई लागत बढ़ गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी दयनीय हो गई है। एमएसएमई सेक्टर ने भी चेतावनी दी है कि महंगी बिजली से उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे बाजार में महंगाई और बढ़ेगी।
भाजपा की 5 सूत्रीय मांगें
विद्युत महाप्रबंधक को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने सरकार के समक्ष स्पष्ट मांगें रखी हैं जिसमें बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उपभोक्ताओं से पूरे पैसे लेने के बदले 24 घंटे बिजली सुनिश्चित की जाए। जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदला जाए। मरम्मत के नाम पर अघोषित और घंटों होने वाली बिजली कटौती बंद हो।पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही मनमानी वसूली और तकनीकी गड़बड़ियों को तुरंत रोका जाए।
सरकार की विफलता का बोझ जनता क्यों उठाए?
घेराव के दौरान भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और बिजली चोरी को रोकने में अपनी अक्षमता का बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर डाल रही है। पार्टी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में दरों में कटौती नहीं की गई, तो पूरे राज्य में ‘चक्का जाम’ और जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
