मैथन डैम: रोमांच के नाम पर ‘जान’ का जोखिम; बिना लाइसेंस के नौसिखिए दिखा रहे स्टंट

धनबाद : अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर मैथन डैम पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों से सैलानी यहाँ केवल मनोरम दृश्यों के लिए ही नहीं, बल्कि स्पीड बोटिंग के एडवेंचर के लिए भी पहुँचते हैं। लेकिन, ब्यूरो चीफ अमित सिन्हा की तफ्तीश में यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

अनट्रेंड राइडर्स और खतरनाक स्टंट

डैम पर स्पीड बोट चलाने वाले राइडर्स को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहाँ बोट चलाने वाले अधिकांश युवक किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षित नहीं हैं। एडवेंचर के नाम पर स्पीड बोटिंग करा रहे इन नौसिखियों के पास न तो कोई वैध लाइसेंस है और न ही आपदा प्रबंधन का अनुभव। सैलानियों को लुभाने के लिए राइडर्स पानी के बीच खतरनाक स्टंट दिखाते हैं, जो बिना किसी सुरक्षा घेरे के जानलेवा साबित हो सकते हैं।

प्रशासन की चुप्पी और मानकों की कमी

मैथन डैम जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर प्रशासनिक स्तर पर नियमों का भारी अभाव दिखा। बोट घाटों पर किस तरह की बोट चलेंगी और उनकी अधिकतम स्पीड क्या होगी, इसे लेकर प्रशासन ने अब तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन तय नहीं की है। पानी में किसी भी अनहोनी की स्थिति से निपटने के लिए यहाँ कोई विशेष रेस्क्यू टीम (बचाव दल) तैनात नहीं है। पूर्व में हुए हादसों के बावजूद नौसिखिया राइडरों पर नकेल कसने की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है।

पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में

सैलानी अपने परिवार और बच्चों के साथ यहाँ सुकून के दो पल बिताने आते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर उन्हें केवल लाइफ जैकेट (जो अक्सर खराब हालत में होती हैं) के भरोसे छोड़ दिया जाता है। स्पीड राइडिंग का रोमांच कभी भी मातम में बदल सकता है, क्योंकि लहरों के बीच अनट्रेंड हाथों में बोट का स्टीयरिंग किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण है।

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