मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता पर विधायक सरयू राय का हमला, अनियमितताओं की जांच की मांग

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता के खिलाफ विधायक सरयू राय ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने इस मामले में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर मानगो क्षेत्र में कथित अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेने और जांच कराने की मांग की है।

उपायुक्त से मुलाकात कर उठाए कई सवाल

विधायक सरयू राय ने उपायुक्त से मुलाकात कर स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य मनमानी या दबंगई के आधार पर नहीं, बल्कि नियम और कानून के तहत होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर द्वारा विभिन्न वार्ड पार्षदों के क्षेत्रों में अपने-अपने “मेयर प्रतिनिधि” नियुक्त किए गए हैं, जो विकास कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं।
राय ने कहा कि इन प्रतिनिधियों के कारण कई जगहों पर वार्ड पार्षदों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

वार्ड क्षेत्रों में मेयर प्रतिनिधि नियुक्त करने पर सवाल

विधायक ने सवाल उठाया कि जब हर वार्ड में चुने हुए पार्षद मौजूद हैं तो फिर वहां “मेयर प्रतिनिधि” नियुक्त करने की क्या आवश्यकता है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था प्रशासनिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ है।

बिना सूचना और योजना के हो रहे शिलान्यास

सरयू राय ने आरोप लगाया कि मानगो क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास बिना किसी आधिकारिक सूचना और स्वीकृत योजना के किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं रहते और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी जाती है।

ठेकेदारों की भूमिका पर भी उठाए सवाल

विधायक ने यह भी कहा कि कई शिलान्यास कार्यक्रमों में केवल मेयर और उनके ठेकेदार ही मौजूद रहते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।

दबंगई से काम हुआ तो बढ़ेगा भ्रष्टाचार

सरयू राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में दबंगई के आधार पर काम होगा तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाने की मांग की है।फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

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