जमशेदपुर : मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित जेसु भवन के पास पुलिस द्वारा चलाए जा रहे रूटीन चेकिंग अभियान के दौरान आज दोपहर जमकर बवाल हुआ। स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों पर बेवजह परेशान करने और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे सरकारी कार्य में बाधा बताया है।
“जबरन चालान और धमकी”: स्थानीय लोगों का आरोप
विवाद की शुरुआत तब हुई जब एएसआई अरविंद के नेतृत्व में टीम वाहनों की जांच कर रही थी। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता शहनवाज़ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। शहनवाज़ का आरोप है कि आसपास के फ्लैटों से निकलने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे अभिभावकों को रोककर जबरन चालान काटा जा रहा है।एक युवक ने आरोप लगाया कि उसकी बंगाल नंबर की गाड़ी को रोककर बिना किसी ठोस कारण के ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया गया। युवक का यह भी दावा है कि विरोध करने पर पुलिस अधिकारी ने “राजनीतिक टिप्पणी” कर माहौल को भड़काया।
“दबाव बनाने की कोशिश”: एएसआई की दलील
इन तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए एएसआई अरविंद ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा जिस वाहन को रोका गया था, उसके पास वैध कागजात नहीं थे। नियम के अनुसार ही चालान की प्रक्रिया शुरू की गई थी। एएसआई ने आरोप लगाया कि युवक ने गाड़ी छोड़ने के लिए उन पर दबाव बनाया और जब वे नहीं माने, तो उसने भीड़ बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया।पुलिस अधिकारी के अनुसार, उन्हें अपना कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए उन पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।
संवाद की कमी और बढ़ता तनाव
घटनास्थल पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का व्यवहार मित्रवत होने के बजाय डराने वाला था। वहीं, पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि बिना सख्ती के यातायात नियमों का पालन कराना मुश्किल है।पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की जांच की जाएगी और मौके पर मौजूद सीसीटीवी या मोबाइल वीडियो के आधार पर सच्चाई का पता लगाया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस और जनता के बीच के इस टकराव ने प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
