जामताड़ा:जामताड़ा शहर के मुख्य चौक कोर्ट मोड़ पर स्थापित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को बुधवार देर रात असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। शरारती तत्वों ने प्रतिमा के एक हाथ और उनके पारंपरिक हथियार तीर-धनुष को क्षतिग्रस्त कर दिया। गुरुवार सुबह जैसे ही यह सूचना फैली, बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
आस्था और स्वाभिमान पर चोट
घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक आक्रोश के साथ सड़क पर उतर आए। भारत ढिशुम आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू ने इसे समाज के स्वाभिमान पर हमला बताते हुए कहा, “भगवान बिरसा मुंडा हमारे गौरव हैं। ऐसी नीच हरकत करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाना चाहिए।” स्थानीय लोगों ने कोर्ट मोड़ पर जमा होकर दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
प्रशासन मौके पर, सीसीटीवी की जांच शुरू
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जामताड़ा एसडीओ अनंत कुमार और एसडीपीओ बिकास आनंद लागुरी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने कोर्ट मोड़ और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि देर रात की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।अंचल अधिकारी ओबिश्वर मुर्मू ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर है और 48 घंटे के भीतर दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
इलाके में पुलिस गश्त तेज
शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट मोड़ और आसपास के चौक-चौराहों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
प्रतिमा की मरम्मत की तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा की गरिमापूर्ण तरीके से जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि समाज की भावनाओं को भड़काने की एक सोची-समझी साजिश है।
