जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में बेलगाम रफ्तार और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने का खौफनाक नतीजा सामने आया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं यातायात प्रबंधन की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अकेले अप्रैल महीने में जिले में 31 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 24 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय द्वारा पेश किए गए इन डरावने आंकड़ों पर उपायुक्त राजीव रंजन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
90% हादसों की वजह: लापरवाही, नशा और तेज रफ्तार
बैठक के दौरान प्रस्तुत की गई विस्तृत विश्लेषण रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि लगभग 90 प्रतिशत मामलों में दुर्घटनाओं की मुख्य वजह खुद वाहन चालकों की लापरवाही थी।बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना, कार में सीट बेल्ट का उपयोग न करना, अत्यधिक तेज रफ्तार और शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर गाड़ी चलाना ही इन मौतों का सबसे बड़ा कारण बना।उपायुक्त राजीव रंजन ने दोटूक कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है; जब तक आम नागरिक इसमें सहभागिता और आत्म-अनुशासन नहीं दिखाएंगे, तब तक सड़कों पर असमय होने वाली इन मौतों को रोकना मुमकिन नहीं है।
हाईवे के ‘ब्लैक स्पॉट्स’ पर लगेगी रंबल स्ट्रिप और क्रैश बैरियर
हादसों पर लगाम लगाने के लिए उपायुक्त ने जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य उच्च पथों पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। चिन्हित किए गए दुर्घटना संभावित स्थलों पर रंबल स्ट्रिप, रेडियम संकेतक (रिफ्लेक्टर) और क्रैश व स्लाइडिंग बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईवे पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की तुरंत मरम्मत करने तथा ओवरस्पीडिंग पर अंकुश लगाने के लिए इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाने को कहा गया है।
ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूली वाहनों पर गिरेगी गाज; नो फिटनेस-नो एंट्री!
नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उपायुक्त ने स्कूल वैन और ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त हिदायत जारी की है। जैसे ही गर्मी की छुट्टियां समाप्त होंगी और स्कूल दोबारा खुलेंगे, जिला परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से स्कूल वाहनों की विशेष सघन जांच करेगी। बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, बिना परमिट, ओवरलोड बच्चों को बैठाने वाले या पुराने व जर्जर हो चुके वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों को सीधे जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
‘हिट एंड रन’ पीड़ितों के मुआवजे में तेजी लाने का आदेश
दुर्घटनाओं की समीक्षा के साथ-साथ उपायुक्त ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों के प्रति गंभीरता दिखाई। उन्होंने मातहत अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को सरकारी मुआवजा राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और जितने भी लंबित मामले हैं, उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल?
समाहारणालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण एसपी, धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी, एएसपी, घाटशिला के एसडीपीओ, डीएसपी मुख्यालय सहित सड़क निर्माण विभाग, एनएचएआई के पदाधिकारी, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और स्कूली वाहन संचालकों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
