जमशेदपुर: अरका जैन विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय मानव संसाधन दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साकची स्थित रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के दिग्गजों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।इस विशेष सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर कॉरपोरेट जगत की व्यावहारिक बारीकियों और मानव संसाधन प्रबंधन के बदलते स्वरूप से रूबरू कराना था।
जमशेदपुर मैनेजमेंट एसोसिएशन का मिला तकनीकी सहयोग
इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए अरका जैन यूनिवर्सिटी ने जमशेदपुर मैनेजमेंट एसोसिएशन के साथ हाथ मिलाया। जेएमए के सहयोग से आयोजित इस सत्र में स्वीकृति जादौन की विशेष सहभागिता और क्रेडेंशियल सहयोग रहा, जिन्होंने वर्तमान कॉरपोरेट परिदृश्य में एचआर मैनेजर्स की बदलती भूमिका पर महत्वपूर्ण इनपुट साझा किए।
पूर्व छात्र बने ‘गेस्ट स्पीकर’, साझा किए कॉरपोरेट लाइफ के अनुभव
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें यूनिवर्सिटी के उन पूर्व छात्र-छात्राओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जो आज देश-दुनिया के नामी कॉरपोरेट घरानों और उद्योगों में अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित कर चुके हैं। अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व छात्रों में कविता कालता, अदिति, अर्पिता, मुस्कान कुमारी और शुभम कुमार शामिल थे।इन सफल पूर्व छात्रों ने वर्तमान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि कैंपस प्लेसमेंट के बाद कॉरपोरेट जीवन में किस तरह की पेशेवर चुनौतियां आती हैं और उनसे निपटने के लिए निरंतर सीखने की आदत कितनी जरूरी है।
“सकारात्मक दृष्टिकोण और कौशल विकास ही सफलता की कुंजी”— डॉ. पॉम्पी दास
स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की सहायक डीन डॉ. पॉम्पी दास सेनगुप्ता ने इस अवसर पर अरका जैन विश्वविद्यालय और इसके वाणिज्य विभाग की अब तक की गौरवशाली विकास यात्रा को रेखांकित किया।”आज उद्योग जगत में हमारे विभाग की पहचान और स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। हमारे छात्र देश की बड़ी कंपनियों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। नए विद्यार्थियों को भी यदि आगे बढ़ना है, तो उन्हें लगातार अपने कौशल विकास , कठोर परिश्रम और एक सकारात्मक दृष्टिकोण पर काम करना होगा।”
विश्वविद्यालय के वरीय शिक्षाविद रहे मौजूद
कार्यक्रम का समापन एक बेहद जीवंत ‘सवाल-जवाब सत्र’ के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने कॉरपोरेट इंटरव्यू और करियर ग्रोथ को लेकर अपनी शंकाओं का समाधान किया।इस पूरे गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के मानव संसाधन प्रमुख डॉ. अविनाश भामराह, वाणिज्य विभाग की प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर डॉ. अंकिता सिंह समेत विभाग के सभी प्राध्यापकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं की सराहनीय और सक्रिय भूमिका रही।
