जमशेदपुर : जमशेदपुर के शहरी इलाकों में शुक्रवार की रात दो परिवारों के लिए काल बनकर आई। शहर के जुगसलाई और मानगो थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग लोगों ने मानसिक तनाव या अन्य अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है और अस्वाभाविक मौत दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
जुगसलाई: एमई स्कूल रोड में व्यवसायी देवानंद विश्वकर्मा ने किया सुसाइड
पहली दर्दनाक घटना जुगसलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एमई स्कूल रोड की है।एमई स्कूल रोड निवासी देवानंद विश्वकर्मा (38 वर्ष) शुक्रवार की देर रात अपने कमरे में फंदे से लटके हुए पाए गए। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब उनकी बेटी किसी काम से कमरे में गई और पिता को फंदे से लटकता देख चीख पड़ी। बेटी की आवाज सुनकर परिजन और आस-पास के पड़ोसी तुरंत मौके पर जुटे और आनन-फानन में देवानंद को फंदे से नीचे उतारकर इलाज के लिए निकटवर्ती अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, देवानंद व्यवसाय (बिजनेस) से जुड़े हुए थे। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या व्यापार में किसी तरह का घाटा या आर्थिक तंगी उनके इस आत्मघाती कदम की वजह थी।
मानगो: जवाहरनगर के अपार्टमेंट में 51 वर्षीय गौरी नाग ने लगाई फांसी
दूसरी घटना मानगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जवाहरनगर इलाके की है, जहां एक बहुमंजिला अपार्टमेंट के फ्लैट में यह हादसा हुआ। जवाहरनगर के एक फ्लैट में रहने वाली गौरी नाग (51 वर्ष) शुक्रवार की शाम अपने कमरे में चली गई थीं। काफी देर तक जब वे कमरे से बाहर नहीं निकलीं और अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो घर में मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने जब अनहोनी के संदेह में कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गौरी नाग का शव कमरे के भीतर फंदे से लटक रहा था। परिजनों के चीखने-चिल्लाने के बाद परिसर के अन्य लोग जुटे और तत्काल इसकी सूचना मानगो थाना पुलिस को दी गई।
शनिवार को हुआ पोस्टमार्टम, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस
घटनाओं की सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को फंदे से नीचे उतरवाया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शनिवार सुबह दोनों शवों को शीतगृह से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ही मामलों में शवों के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब मृतकों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स , परिजनों के बयानों और आस-पास के लोगों से पूछताछ के आधार पर यह समझने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों या मानसिक तनाव के कारण इन दोनों ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया।
बढ़ते सुसाइड केस शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय
जमशेदपुर और इसके आस-पास के इलाकों में युवाओं और अधेड़ उम्र के लोगों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति समाजशास्त्रियों और मनोचिकित्सकों के लिए गहरी चिंता का विषय बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता मानसिक तनाव, अकेलापन, पारिवारिक कलह और आर्थिक परेशानियां लोगों को अवसाद की ओर धकेल रही हैं। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को इस दिशा में बड़े पैमाने पर काउंसलिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने की सख्त जरूरत है।
