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जमशेदपुर: औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत बनाने, कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं की रोकथाम और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय उद्योग परिसंघ झारखंड की ओर से 26 और 27 अक्टूबर को आदित्यपुर स्थित द क्रूज होटल में दो दिवसीय सीआईआई झारखंड सेफ्टी टॉक 2026 का आयोजन किया जाएगा। औद्योगिक सुरक्षा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में देश-विदेश के उद्योग प्रतिनिधि, सुरक्षा विशेषज्ञ, तकनीकी सेवा प्रदाता और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के पेशेवर हिस्सा लेंगे।सम्मेलन में औद्योगिक सुरक्षा की मौजूदा चुनौतियों, जोखिम प्रबंधन, नई तकनीकों और सुरक्षित कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें विभिन्न बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
एआई और आधुनिक तकनीक से दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआईआई झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष दिल्लू पारिख ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य औद्योगिक सुरक्षा को केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित रखने के बजाय संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर दुर्घटनाओं को रोकना है।उन्होंने कहा कि सम्मेलन में नेतृत्व की जवाबदेही, ठेका श्रमिकों की सुरक्षा और गंभीर चोटों के साथ औद्योगिक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के उपायों पर विशेष चर्चा की जाएगी।औद्योगिक खतरों की पहचान और समय रहते कार्रवाई के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग, इंटेलिजेंट अलर्ट सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों की भूमिका पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इन तकनीकों के माध्यम से कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित बनाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के व्यावहारिक उपायों पर मंथन होगा।
कार्यस्थल सुरक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन में ऊंचाई पर काम करने के दौरान सुरक्षा, गिरने से बचाव, खतरनाक ऊर्जा के नियंत्रण और मानवीय व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की थकान, मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के बीच संबंधों पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे।सड़क सुरक्षा को कार्यस्थल की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए इस पर अलग से चर्चा की जाएगी। साथ ही उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच गोलमेज बैठक आयोजित होगी, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं, उनके व्यावहारिक समाधान और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कंपनियों की रणनीति का हिस्सा बनेगी सुरक्षा
सीआईआई झारखंड सेफ्टी टॉक 2026 में सुरक्षा को कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन की रणनीति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा। सम्मेलन में उच्च जोखिम वाले उद्योगों में सुरक्षा नेतृत्व, तकनीक आधारित जोखिम की पहचान और रोकथाम, ऊंचाई पर काम के दौरान दुर्घटनाओं से बचाव तथा खतरनाक ऊर्जा के सुरक्षित नियंत्रण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।इसके अलावा नियमों के अनुपालन से आगे बढ़कर कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, कर्मचारियों के व्यवहार, थकान और मानसिक स्वास्थ्य को समझना सुरक्षित कार्यस्थल तैयार करने के लिए जरूरी है।
46 वक्ता और 50 स्टॉल होंगे आकर्षण
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्रों से कुल 46 वक्ता हिस्सा लेंगे। इनमें चार अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। वहीं, प्रदर्शनी में 36 कंपनियां अपने औद्योगिक सुरक्षा उत्पादों, आधुनिक तकनीकों और समाधानों को 50 स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित करेंगी।आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन औद्योगिक क्षेत्र के पेशेवरों को अनुभव साझा करने, नई सुरक्षा तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने और उद्योगों में सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी मंच प्रदान करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग जगत के प्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामण, किशन सोंथालिया, नीरज सिन्हा और प्रभात कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।आयोजकों को उम्मीद है कि सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और तकनीकी प्रदर्शन से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
