जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से “एंडोवैस्कुलर मैनेजमेंट ऑफ न्यूरोवैस्कुलर पैथोलॉजीज: ए प्रैक्टिकल एप्रोच” विषय पर कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम और हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़े डॉक्टरों ने भाग लिया।
वरिष्ठ चिकित्सकों ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन टीएमएच की जनरल मैनेजर मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनीता सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक सुंदर, डॉ. ममता रथ दत्ता, डॉ. जीवेश मलिक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
डॉ. पीयूष तोमर ने साझा की आधुनिक तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नई दिल्ली के प्रसिद्ध न्यूरो-इंटरवेंशन विशेषज्ञ डॉ. पीयूष तोमर रहे। उन्होंने व्याख्यान और लाइव प्रैक्टिकल सत्र के माध्यम से एंडोवैस्कुलर तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी।
जटिल न्यूरोवैस्कुलर रोगों के उपचार पर चर्चा
विशेषज्ञों ने इंट्राक्रेनियल एन्यूरिज्म, एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक, आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन (एवीएम), ड्यूरल एवं स्पाइनल आर्टेरियोवेनस फिस्टुला (एवीएफ) जैसे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर रोगों के उपचार में एंडोवैस्कुलर तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही समय पर पहचान, शीघ्र रेफरल और विशेषज्ञों के बीच समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया गया।
हैंड्स-ऑन वर्कशॉप में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
हैंड्स-ऑन वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को एंडोवैस्कुलर उपकरणों, कैथेटर, गाइडवायर के उपयोग, प्रक्रिया की योजना बनाने और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। इससे डॉक्टरों को आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशनल तकनीकों को समझने का अवसर मिला।
बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने लिया हिस्सा
इस शैक्षणिक कार्यक्रम में 70 से अधिक डॉक्टरों ने सीएमई में भाग लिया, जबकि 40 चिकित्सकों ने हैंड्स-ऑन वर्कशॉप में हिस्सा लेकर विशेषज्ञों से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
टीएमएच प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, विशेषज्ञों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान मजबूत करना तथा भविष्य में अस्पताल में उन्नत एंडोवैस्कुलर न्यूरो-इंटरवेंशनल सेवाएं शुरू करने की दिशा में कार्य करना है।
