जमशेदपुर: बर्मामाइंस स्थित केरेज कॉलोनी में ‘श्री श्री माँ पहाड़ी पूजा समिति’ द्वारा आयोजित वार्षिक मां पहाड़ी पूजा का मंगलवार को भव्य विसर्जन और विदाई समारोह के साथ समापन हो गया। इस श्रद्धा और भक्ति से सराबोर समापन समारोह में शहर के विख्यात समाजसेवी और भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने मां पहाड़ी के दरबार में पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका और कोल्हान सहित पूरे झारखंड राज्य की सुख-समृद्धि, शांति, एकता और खुशहाली की मंगलकामना की।
माता के जयकारों से गूंजा बर्मामाइंस, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
समिति की ओर से पारंपरिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता रानी की विदाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद केरेज कॉलोनी से एक अत्यंत भव्य और विशाल विसर्जन यात्रा (नगर भ्रमण) निकाली गई।विसर्जन यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।पारंपरिक वाद्यों, ढोल-नगाड़ों और माता के भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं और माता रानी के गगनभेदी जयकारों से पूरा बर्मामाइंस क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की इस अपार आस्था और अनुशासित सहभागिता ने इस विसर्जन को बेहद यादगार बना दिया।
“धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम” — अमरप्रीत सिंह काले
पूजा पंडाल और विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा हमारे समाज में इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को आपस में जोड़ने, सामाजिक समरसता (भाईचारे) को मजबूत करने और हमारी समृद्ध सनातनी परंपराओं को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए ही हमारी नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और जड़ों से जुड़ पाती है।
उन्होंने मां पहाड़ी से गुहार लगाते हुए कहा कि माता रानी की असीम कृपा लौहनगरी के प्रत्येक नागरिक पर बनी रहे, हर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और समाज में आपसी प्रेम व सद्भाव निरंतर बढ़ता रहे।
उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए पूजा समिति को दी बधाई
अमरप्रीत सिंह काले ने केरेज कॉलोनी में शांतिपूर्ण, अनुशासित और इतने बड़े पैमाने पर भव्य आयोजन को धरातल पर उतारने के लिए ‘श्री श्री माँ पहाड़ी पूजा समिति’ के सभी पदाधिकारियों, सक्रिय सदस्यों और स्थानीय सेवादारों की पीठ थपथपाई। उन्होंने पूरी टीम को सफल आयोजन की हार्दिक बधाई देते हुए उनके निस्वार्थ सेवा भाव और समर्पण की मुक्त कंठ से सराहना की। विसर्जन यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए स्थानीय विसर्जन घाट पहुंची, जहां नम आंखों से माता को विदाई दी गई।
