जमशेदपुर: विद्यार्थियों को समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ना शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य: डॉ कविता परमार

जमशेदपुर: उच्च शिक्षा को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नेचर संस्था एवं अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बागबेड़ा स्थित संस्थान परिसर में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

छात्राओं को मिलेगा जमीनी स्तर का अनुभव

यह इंटर्नशिप कार्यक्रम प्राध्यापक एवं जिला परिषद सदस्य डॉ. कविता परमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को केवल पुस्तक आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर लोकतांत्रिक संस्थाओं, स्थानीय शासन व्यवस्था, ग्रामीण प्रशासन और सामाजिक-सांस्कृतिक वास्तविकताओं से जोड़ना है।

पंचायती राज व्यवस्था का करेंगी अध्ययन

राजनीति विज्ञान विषय की छात्राएं त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद—की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रशासनिक चुनौतियों का अध्ययन करेंगी। इसके तहत छात्राओं को बागबेड़ा एवं आसपास के पंचायत क्षेत्रों का भ्रमण कराया जाएगा।छात्राएं मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण नागरिकों से संवाद कर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को समझेंगी।

हिंदी की छात्राएं करेंगी ग्रामीण संस्कृति का दस्तावेजीकरण

हिंदी विषय की छात्राओं को कहानी, कविता, पत्रकारिता, रिपोर्ताज लेखन तथा क्षेत्रीय अध्ययन से जोड़ा जाएगा। वे ग्रामीण समाज, लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, लोकगीतों, लोककथाओं, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों का दस्तावेजीकरण करेंगी।साक्षात्कार, मौखिक इतिहास और जन-अनुभवों के माध्यम से छात्राएं ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर को साहित्यिक एवं अकादमिक रूप देंगी।

विशेषज्ञों के व्याख्यान भी होंगे

इंटर्नशिप के दौरान शासन, लोक प्रशासन, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, सामाजिक न्याय, महिला नेतृत्व और शोध पद्धति जैसे विषयों पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ छात्राओं को व्यवहारिक और शोध आधारित ज्ञान प्रदान करेंगे।

शिक्षा का उद्देश्य समाज से जुड़ाव: डॉ. कविता परमार

डॉ. कविता परमार ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज की जमीनी सच्चाइयों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है और ग्रामीण समाज भारत की आत्मा है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को बेहतर नागरिक, शोधकर्ता और भविष्य के नेतृत्वकर्ता बनने में मदद करेंगे।उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप से छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, शोध अभिरुचि, सामाजिक संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता विकसित होगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पहल

संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें अनुभवात्मक अधिगम, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय ज्ञान को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।कार्यक्रम में प्रोफेसर अशोक अविचल, रंजीत प्रसाद सहित कई शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्राओं को इंटर्नशिप का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।यह इंटर्नशिप कार्यक्रम दो माह तक चलेगा। इस वर्ष राजनीति शास्त्र, हिंदी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र विषय की छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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