जमशेदपुर: निजी स्कूलों के ‘री-एडमिशन शुल्क’ के खिलाफ जेकेएलएम का हल्ला बोल; उपायुक्त कार्यालय पर धरना, अभिभावकों ने कहा— ‘बंद हो आर्थिक शोषण’

जमशेदपुर : शहर के निजी स्कूलों द्वारा हर साल री-एडमिशन (पुनः नामांकन) के नाम पर वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्क के विरोध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आए अभिभावकों ने जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया और प्रशासन से इस अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

मनमाना शुल्क और अभिभावकों का बोझ

प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि शहर के नामी निजी स्कूल शिक्षा को व्यापार बना चुके हैं। वक्ताओं ने कहा कि एक ही स्कूल में पढ़ रहे बच्चे से हर साल री-एडमिशन के नाम पर मोटी रकम लेना पूरी तरह से अनुचित और नियमों के विरुद्ध है। नया सत्र शुरू होते ही कॉपी-किताबों और ड्रेस के साथ-साथ री-एडमिशन शुल्क का बोझ मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ रहा है।संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन को बार-बार सूचित करने के बावजूद स्कूलों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

धरना प्रदर्शन के दौरान जेकेएलएम के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें स्पष्ट कीं।किसी भी परिस्थिति में पुराने छात्रों से री-एडमिशन शुल्क न लिया जाए। जिला शिक्षा विभाग निजी स्कूलों के लिए पारदर्शी शुल्क संरचना ( जारी करे। जो स्कूल सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनकी मान्यता रद्द करने या उन पर भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू हो।

उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के समापन पर संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कार्यालय में मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा और स्कूलों के गेट पर तालाबंदी जैसे कदम उठाए जाएंगे।

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