जमशेदपुर: पेंशन भुगतान में देरी और पेयजल संकट को लेकर कुणाल षाड़ंगी ने डीसी से की मुलाकात; केंद्र से राशि नहीं मिलने से 12 हजार लाभुक प्रभावित

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जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन की राशि का पिछले कई महीनों से भुगतान नहीं होने और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़ी पेयजल योजनाओं की गंभीर समस्याओं को लेकर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मंगलवार को जिले के उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की और एक विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने लाभुकों को पेश आ रही दिक्कतों और पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

‘मइयाँ सम्मान योजना’ के कारण पेंशन रुकने का दुष्प्रचार पूरी तरह निराधार

मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने उपायुक्त का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि जिले में कुछ राजनीतिक और असामाजिक तत्वों द्वारा यह दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मइयाँ सम्मान योजना’ के कारण बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।उन्होंने इस दुष्प्रचार को सिरे से खारिज करते हुए प्रशासन से वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने का आग्रह किया, ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति दूर हो सके।

केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है केंद्रांश की राशि

कुणाल षाड़ंगी की मांग पर उपायुक्त ने फौरन सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों को तलब कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के स्तर पर पेंशन की एक भी राशि लंबित नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है। जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर 5 अक्टूबर को ही केंद्र सरकार के अंश (केंद्रांश) के भुगतान हेतु प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन केंद्र से राशि प्राप्त नहीं हुई है।भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एसएन स्पर्श (डिजिटल फंड ट्रांसफर एवं भुगतान प्रणाली) के माध्यम से केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि का हस्तांतरण होता है। फिलहाल इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत निकासी की मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण भुगतान अटका हुआ है।पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग 12 हजार पेंशनधारी ऐसे हैं, जिन्हें इस तकनीकी और प्रशासनिक देरी के कारण अब तक पेंशन राशि नहीं मिल पाई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है और जैसे ही केंद्रांश की राशि प्राप्त होगी, सभी पात्र लाभुकों के खातों में बकाया राशि भेज दी जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट पर भी हुई चर्चा

पेंशन के अलावा कुणाल षाड़ंगी ने चाकुलिया, घाटशिला, डुमरिया समेत जिले के कई अन्य प्रखंडों में महीनों से खराब पड़ी सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया।उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बंद पड़ी योजनाओं की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए। साथ ही, नई पेयजल योजनाओं की स्वीकृति और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने की आवश्यकता है। उपायुक्त राजीव रंजन ने पेयजल योजनाओं की स्थिति की जल्द उच्चस्तरीय समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया है।

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