जमशेदपुर : शहर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में गुरुवार को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में एक बड़ी छापेमारी की गई। बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त आदेश पर की गई इस कार्रवाई में नामी ब्रांड्स के नाम पर बेचे जा रहे लाखों रुपये के नकली उत्पाद बरामद किए गए हैं।
यूनिलीवर की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई Unilever Global IP Limited द्वारा दायर एक कमर्शियल सूट (वाणिज्यिक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी मुकदमा संख्या 36566, 2025) के आधार पर की गई है। कंपनी के प्रतिनिधि दीप्तोनील हज़ारा ने गोलमुरी पुलिस के सहयोग से चिन्हित स्थानों पर दबिश दी।मौके से (क्लोजअप) और (पेप्सोडेंट) ब्रांड के नकली उत्पाद भारी मात्रा में बरामद किए गए। इन उत्पादों पर कंपनी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था।
अशोक कुमार बनाए गए आरोपी
इस मामले में स्थानीय व्यवसायी अशोक कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है।कार्रवाई से पूर्व संबंधित स्थल पर मुंबई हाई कोर्ट का नोटिस चस्पा किया गया था।नोटिस के माध्यम से आरोपी को अदालत में पेश होने और मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था। जब्त किए गए नकली सामान की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण कार्रवाई
पूरी छापेमारी गोलमुरी थाना पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के आदेशों के तहत की गई है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन नकली उत्पादों की सप्लाई चेन कहाँ-कहाँ फैली है।भविष्य में भी ब्रांड उल्लंघन के मामलों में ऐसी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
ब्रांड सुरक्षा पर कंपनियों का सख्त रुख
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे हाई कोर्ट के आदेश पर ऐसी कार्रवाई होना इस बात का संकेत है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब अपने ब्रांड की साख और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर हैं। फर्जी उत्पादों के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
