जमशेदपुर : मानगो स्थित जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के ‘A ब्लॉक’ में शनिवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब मुख्य प्रवेश द्वार का भारी-भरकम छज्जा अचानक नीचे गिर गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, कॉलेज में कक्षाएं चल रही थीं और प्रवेश द्वार के पास छात्रों की आवाजाही जारी थी।
मौत को छूकर निकले कई छात्र
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छज्जा गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई धमाका हुआ हो। गनीमत रही कि जिस क्षण छज्जा गिरा, उसके ठीक नीचे कोई मौजूद नहीं था। हालांकि, वहां से गुजर रहे कई छात्र महज कुछ इंच की दूरी से बच गए। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और डर के मारे छात्र इधर-उधर भागने लगे।
लापरवाही की इंतहा: जर्जर था निर्माण
कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों का आरोप है कि भवन के इस हिस्से की स्थिति लंबे समय से खराब थी। छज्जा पहले से ही जर्जर था और इसके प्लास्टर झड़ रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इसकी मरम्मत कराने के बजाय इसे नजरअंदाज किया। छात्रों का कहना है कि यह मुख्य रास्ता है जहां से सैकड़ों छात्र रोजाना गुजरते हैं, ऐसे में प्रशासन की यह लापरवाही किसी की जान ले सकती थी।
प्रबंधन की सफाई और सुरक्षा ऑडिट का वादा
हादसे की सूचना मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि अब कॉलेज के अन्य पुराने भवनों और छज्जों की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। जर्जर हिस्सों की घेराबंदी कर दी गई है और जल्द ही इनकी मरम्मत शुरू करने की बात कही जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी
इस घटना के बाद कॉलेज के छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि वे फीस के रूप में मोटी राशि देते हैं, लेकिन उनके जीवन की सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचा भी दुरुस्त नहीं है। अभिभावकों ने भी मांग की है कि जब तक पूरे भवन का ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ नहीं हो जाता, तब तक जोखिम भरे रास्तों को बंद रखा जाए।
