जमशेदपुर :पूर्वी सिंहभूम जिले के कांटासोल स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की बदहाल शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों के अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर में उपायुक्त से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर प्राचार्य के स्थानांतरण तथा कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा में बड़ी चूक: बच्चों को नदी में स्नान कराने का आरोप; हॉस्टल से लापता हुई थी छात्रा
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में अभिभावकों ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि आवासीय विद्यालय परिसर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को पास की नदी में स्नान के लिए भेज दिया जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।पूर्व में विद्यालय के हॉस्टल से एक छात्रा के बिना बताए बाहर चले जाने की गंभीर घटना भी सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
सब्जियों में निकल रहे कीड़े, नहीं मिल रहा मेन्यू के मुताबिक खाना
अभिभावकों ने आवासीय विद्यालय की भोजन गुणवत्ता और दैनिक सुविधाओं को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार खाना नहीं दिया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बार सब्जियों में कीड़े मिलने की शिकायतें बच्चों ने परिजनों से की हैं। विद्यार्थियों को समय पर दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं— जैसे साबुन, तेल, टूथपेस्ट, ब्रश तथा छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। कॉपी, कलम और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के वितरण में भी भारी घपला और देरी की जा रही है।
“व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं, बच्चों का भविष्य बचाना मकसद” — निष्पक्ष जांच की मांग
अभिभावकों ने उपायुक्त को बताया कि समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य के समक्ष समस्याओं को रखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं, अपनी आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों पर ही उल्टा अनुचित आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन भी नहीं किया जाता।प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पढ़ रहे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था दिलाना है। उपायुक्त ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
