जमशेदपुर पुलिस की नई रणनीति: अब ‘कलर कोड’ से होगी हमलावरों की पहचान; चापड़ हमले पर सीधे चलेगा हत्या का केस

जमशेदपुर : शहर में अपराधियों द्वारा चापड़ के बढ़ते इस्तेमाल और लगातार हो रही वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने कमर कस ली है। नए सिटी एसपी ललित मीणा ने इस दिशा में एक कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसके तहत चापड़ की बिक्री से लेकर उसके इस्तेमाल तक पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

चापड़ की बिक्री के लिए ‘कलर कोडिंग’ सिस्टम

पुलिस अब चापड़ बेचने वाले दुकानदारों के लिए नए निर्देश जारी करने जा रही है। हर दुकान को एक विशिष्ट कलर कोड आवंटित किया जाएगा। दुकानदार को चापड़ बेचने से पहले उसके ‘बट’ (हत्थे) को उसी निर्धारित रंग से पेंट करना होगा। यदि किसी क्षेत्र में चापड़ से हमला होता है, तो पुलिस रंग के आधार पर तुरंत पता लगा लेगी कि वह हथियार किस दुकान से खरीदा गया है।अब दुकानदारों को चापड़ बेचने से पहले खरीदार का पूरा सत्यापन करना होगा।

ऑनलाइन बिक्री पर लगेगी लगाम

सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि चापड़ की आसान उपलब्धता ही अपराध बढ़ने का मुख्य कारण है।पुलिस जल्द ही प्रमुख ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों को पत्र लिखकर शहर में चापड़ की होम डिलीवरी और बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश देगी।सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस सघन अभियान चलाएगी ताकि अवैध रूप से चापड़ रखने या बेचने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

धारा 307 के तहत होगी कार्रवाई

अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस ने सजा के प्रावधानों को भी कड़ा कर दिया है। एसपी ललित मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चापड़ से किया गया हमला चाहे छोटा हो या बड़ा, पुलिस अब सीधे हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज करेगी।इसका उद्देश्य अपराधियों को यह संदेश देना है कि चापड़ जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल उन्हें सीधे लंबी जेल की सजा दिला सकता है।

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