जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन से सटे खासमहल स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में नई बिल्डिंग के निर्माण को लेकर शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। रेलवे प्रशासन की टीम निर्माणाधीन भवन को अतिक्रमण बताते हुए उसे ढहाने के लिए बुलडोजर के साथ पहुंची, जिसका स्थानीय श्रद्धालुओं और हिंदूवादी संगठनों ने पुरजोर विरोध किया।
बुलडोजर देखते ही जुटे श्रद्धालु और विहिप कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा परिसर में विकास कार्य के तहत नए भवन का निर्माण कराया जा रहा था। रेलवे के आधिकारिक दस्ते ने जब इस कार्य को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण की तैयारी की, तो खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मंदिर समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और रेलवे की कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
विहिप का पक्ष: “धार्मिक स्थल पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं”
मौके पर पहुंचे विहिप नेताओं ने रेलवे अधिकारियों के साथ तीखी बहस के बाद अपना रुख स्पष्ट किया। संगठन की ओर से कहा गया कि यदि मंदिर की आड़ में कोई अन्य व्यावसायिक या अनाधिकृत निर्माण हो रहा है, तो वे उसका पक्ष नहीं लेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मंदिर या किसी भी धार्मिक स्थल के ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा।
फिलहाल कार्रवाई पर रोक, बातचीत से निकलेगा हल
बढ़ते विरोध और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। वर्तमान में मंदिर परिसर में चल रहा निर्माण कार्य रोक दिया गया है। विहिप ने इस पूरे विवाद के कानूनी और प्रशासनिक समाधान के लिए रेलवे से दो दिनों का समय मांगा है।सूत्रों के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर मंदिर समिति, विहिप और स्थानीय रेल प्रशासन के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें नक्शे और भूमि स्वामित्व के दस्तावेजों पर चर्चा होगी।
इलाके में पुलिस मुस्तैद
घटनास्थल पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस और आरपीएफ की तैनाती की गई थी। फिलहाल खासमहल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन रेलवे और मंदिर समिति के बीच का यह विवाद शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
