जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस समय गहमागहमी बढ़ गई जब रेल यात्री संघर्ष समिति ने रेलवे की अव्यवस्थाओं और ट्रेनों के अनिश्चित परिचालन के खिलाफ एक विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान को स्थानीय विधायक सरयू राय सहित कई गणमान्य लोगों का पुरजोर समर्थन मिला।
यात्रियों का फूटा गुस्सा: 3 घंटे तक की देरी आम बात
अभियान के दौरान स्टेशन परिसर में मौजूद सैकड़ों यात्रियों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। यात्रियों का कहना है कि टाटानगर से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रोजाना 2 से 3 घंटे की देरी से चल रही हैं। यात्रियों ने बताया कि इस अनियमितता के कारण सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, छात्रों और उन लोगों को हो रही है जो इंटरव्यू या जरूरी व्यावसायिक बैठकों के लिए जा रहे हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग ट्रेनें छूट रही हैं, जिससे उन्हें न केवल मानसिक तनाव बल्कि भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
सरयू राय ने रेलवे प्रशासन को घेरा
इस अवसर पर मौजूद विधायक सरयू राय ने रेलवे की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा “रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी समयबद्धता सुनिश्चित करना है, लेकिन वर्तमान में यात्रियों की सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पहले टाटानगर स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन रेलवे प्रशासन की नींद नहीं टूटी है।”उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए यात्री ट्रेनों को आउटर पर खड़ा कर रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा ज्ञापन
रेल यात्री संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि आज के अभियान में हजारों यात्रियों के हस्ताक्षर जुटाए गए हैं।इन हस्ताक्षरों के साथ एक विस्तृत मांग पत्र रेलवे के उच्च अधिकारियों (जीएम और डीआरएम) को सौंपा जाएगा।समिति और यात्रियों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में ट्रेनों के समय में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
